Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
बचà¥â€à¤šà¥‡ की लाल हो गई आंख, घबराने की जगह इन घरेलू नà¥à¤¸à¥â€à¤–ों से करें कंजकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ का इलाज
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ में कंजकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ होना आम बात है लेकिन कà¥à¤› असरकारी घरेलू नà¥à¤¸à¥â€à¤–ों की मदद से आप इसका इलाज कर सकते हैं।
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ और शिशà¥à¤“ं की इमà¥â€à¤¯à¥‚निटी बहà¥à¤¤ कमजोर होती है इसलिठउनमें कंजकà¥â€à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ यानि पिंक आई का खतरा जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहता है। चूंकि, शिशॠको हर मरà¥à¤œ के लिठदवा नहीं दी जा सकती है इसलिठइनके लिठघरेलू नà¥à¤¸à¥â€à¤–े जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कारगर और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होते हैं।
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ में कंजकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के इलाज के लिठकà¥à¤› सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ घरेलू उपाय मौजूद हैं जिनकी मदद से आप अपने शिशॠकी पिंक आई को ठीक कर सकते हैं।
​बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤•
मां के दूध में हर बीमारी को दूर करने के गà¥à¤£ होते हैा। मां के दूध में कोलोसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤® होता है जिसमें पà¥à¤°à¤šà¥à¤°à¤¤à¤¾ में माइकà¥à¤°à¥‹ नà¥â€à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤à¤‚ट पाठजाते हैं। यहां तक कि डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° à¤à¥€ इस बात से सहमत होते हैं कि नवजात शिशॠमें होने वाली कई सामानà¥â€à¤¯ समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤“ं को बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• से ठीक किया जा सकता है।
दिन में 2 से 3 बार बचà¥â€à¤šà¥‡ की दोनों आंखों की पलकों पर बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• लगाà¤à¤‚। आप डà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤° की मदद से à¤à¥€ पलकों पर बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• लगा सकती हैं। आप बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ से सीधा पलकों पर दूध लगा सकती हैं या किसी कप या कटोरी में दूध डालकर फिर उंगली से à¤à¥€ उसे लगा सकती हैं।
अगर à¤à¤• आंख में दिकà¥â€à¤•त हà¥à¤ˆ है तो à¤à¥€ आप शिशॠकी दोनों आंखों पर दूध लगा सकती हैं। इससे इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ फैलने का खतरा कम होगा।
​शहद
शहद में à¤à¤‚टी-फंगल, à¤à¤‚टीबैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और à¤à¤‚टीबायोटिक गà¥à¤£ होते हैं। आंखों से संबंधित कई बीमारियों के इलाज के लिठमॉडरà¥à¤¨ थेरेपी में शहद का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। आंखों के लिठमनà¥à¤•ा शहद सबसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सही माना जाता है। हालांकि, आप कचà¥â€à¤šà¤¾ शहद à¤à¥€ लगा सकती हैं।
à¤à¤• चौथाई कप शहद लें और इतनी ही मातà¥à¤°à¤¾ में गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी लें। अब à¤à¤• साफ डà¥à¤°à¥‰à¤ªà¤° की मदद से दोनों आंखों में à¤à¤• से दो बूंद डालें।
​नमक का पानी
आंखों में इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ के इलाज का सबसे आसान, ससà¥â€à¤¤à¤¾ और कारगर उपाय सलाईन वॉटर है। इससे आंखों को आराम मिलता है और संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण पैदा हà¥à¤ˆ गंदगी à¤à¥€ साफ होती है।
à¤à¤• गिलास उबले हà¥à¤ पानी में थोड़ा नमक डालें। इसके ठंडा होने पर इसमें रूई का à¤à¤• फाहा à¤à¤¿à¤—ोà¤à¤‚ और उसे शिशॠकी पलकों पर लगाà¤à¤‚। आपको हर बार नई रूई का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना है। इस बात का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करते समय पानी जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤® नहीं होना चाहिà¤à¥¤
​हलà¥â€à¤¦à¥€
हलà¥â€à¤¦à¥€ à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक à¤à¤‚टीबायोटिक की तरह काम करती है। यह सूजन से लड़ने में मदद करता है। हलà¥â€à¤¦à¥€ à¤à¤‚टीबॉडी बना सकती है जो पिंक आई पैदा करने वाली à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ को रोकने में कारगर होती है।
à¤à¤• चमà¥â€à¤®à¤š हलà¥â€à¤¦à¥€ में पानी मिलाकर घोल बना लें। इस मिशà¥à¤°à¤£ से बचà¥â€à¤šà¥‡ की आंख धोà¤à¤‚। आप चाहें तो इससे सिकाई à¤à¥€ कर सकती हैं। उसके लिठà¤à¤• कप गरà¥à¤® पानी में à¤à¤• चमà¥â€à¤®à¤š हलà¥â€à¤¦à¥€ डालें। इसमें रूई का à¤à¤• फाहा à¤à¤¿à¤—ोà¤à¤‚ और बचà¥â€à¤šà¥‡ की आंख पर रख दें।
​आलू
आलू में à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤‚जेंट गà¥à¤£ होते हैं। इससे आंखों की जलन और सूजन को कम किया जा सकता है। यह कंâ€à¤œà¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ से होने वाले दरà¥à¤¦ को à¤à¥€ कम करता है। आलू का à¤à¤• टà¥à¤•ड़ा या आलू को घिसकर इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं।
सबसे पहले आलू को धो लें और उसकी à¤à¤• पतली सी सà¥â€à¤²à¤¾à¤‡à¤¸ काट लें। इस सà¥â€à¤²à¤¾à¤‡à¤¸ को आंखों पर रखें और लगà¤à¤— दस मिनट के लिठछोड़ दें। जब à¤à¥€ आप इस नà¥à¤¸à¥â€à¤–े का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें, तà¤à¥€ आलू का ताजा सà¥â€à¤²à¤¾à¤‡à¤¸ काटें। आप दिन में कई बार इस उपाय को कर सकते हैं।
| --------------------------- | --------------------------- |